...............................श्रीः
॥ श्रीमद्वाल्मीकिरामायणम् सुन्दरकाण्डम्॥
**********प्रथमः सर्गः। १ ।।
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तस्य वेगसमाधूतैः पुष्पैस्तोयमदृश्यत ।
ताराभिरभिरामाभिरुदिताभिरिवाम्बरम्॥ ६२ ॥

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तस्य..............- அவருடைய
समाधूतैः ........- விசையால் சிதறுண்ட
पुष्पैः.............- பூக்களால்......
तोयं
.............- ஜலம்
अभिरामाभिः.- மிக அழகுற்று
उदिताभिः ..
..- உதித்த
ताराभिः
.......- நக்ஷத்திரங்களினால்
अम्बरम् .......-
ஆகாயம்
इव ..............- போல
अदृश्यत......- காணப்பட்டது.
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