...............................श्रीः
॥ श्रीमद्वाल्मीकिरामायणम् सुन्दरकाण्डम्॥
**********प्रथमः सर्गः। १ ।।
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प्रचकर्ष महामेघं समुपोद्धातविद्युतम् ।
प्रबलः कपिराजस्य वायुर्मार्गे विनिस्सृतः॥ ६३ ॥

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कपिराजस्य...- வானரச்ரேஷ்டருடைய
मार्गे .............- வழியில்
विनिःसृतः....- புறப்பட்ட....
प्रबलः
........- பெரிய
वायुः...........- காற்று
समुपोद्धात
..- அடிக்கடிஉண்டான
विद्युतं
......- மின்னலோடுகூடிய
महामेघं .....-
பெருமேகத்தை
प्रचकर्ष ......- இழுத்தது.
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